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रूस–यूक्रेन युद्ध 2026: भीषण हमलों के बीच शांति की उम्मीद धुंधली

कीव/मॉस्को, 3 जून 2026। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव सहित कई शहरों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जबकि यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के भीतर महत्वपूर्ण तेल और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

रूस का बड़ा हवाई हमला

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार रूस ने एक ही रात में सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलें दागीं। हमलों में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। कई रिहायशी इमारतें, बिजली ढांचे और नागरिक सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुईं। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।लगातार हवाई हमलों के कारण हजारों लोगों को भूमिगत शरणस्थलों और मेट्रो स्टेशनों में रात बितानी पड़ी। स्थानीय निवासियों ने हमलों को “भयावह” और “विनाशकारी” बताया। यूक्रेन की राजधानी में हाल के हफ्तों में यह तीसरा बड़ा हमला माना जा रहा है।

यूक्रेन का पलटवार

दूसरी ओर यूक्रेन ने रूस के सेंट पीटर्सबर्ग क्षेत्र में एक तेल निर्यात टर्मिनल और अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले किए। इन हमलों से आग लगने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है। यूक्रेन का कहना है कि उसका लक्ष्य रूस की युद्ध क्षमता और ऊर्जा ढांचे को कमजोर करना है।

दोनों पक्षों के दावे

रूस का कहना है कि उसके हमले यूक्रेन की सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं, जबकि यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों पर हमले कर रहा है। वहीं रूस ने भी यूक्रेन पर रूसी क्षेत्रों में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

शांति वार्ता अभी दूर

हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध रोकने के प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल किसी स्थायी युद्धविराम की संभावना स्पष्ट नहीं दिख रही है। दोनों पक्ष अपने-अपने सैन्य अभियान जारी रखे हुए हैं और मोर्चों पर लड़ाई बनी हुई है। चार साल से अधिक समय से चल रहा रूस–यूक्रेन युद्ध अभी समाप्त होता नहीं दिख रहा। हालिया हमलों ने यह संकेत दिया है कि दोनों देश सैन्य दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहे हैं। नागरिक आबादी पर इसका असर लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी गहराती जा रही है।

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