बुलढाणा: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिला न्यायालय ने अपनी सगी बहन की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी भाई को दोषी करार देते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे न भरने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह ऐतिहासिक फैसला प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीचंद दौलतराम जगमलानी की अदालत ने सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
मृतक महिला (अंकिता, उम्र 28 वर्ष) अपने पति से अलग होने के बाद अपने दो मासूम बच्चों (6 वर्षीय बेटी और 4 वर्षीय बेटे) के साथ बुलढाणा की ‘विदर्भ हाउसिंग सोसाइटी’ में अपनी मां कोकिलाबाई जाधव के साथ रह रही थी। अंकिता का भाई, आरोपी सागर जाधव शराब पीने का आदी था। वह अक्सर अंकिता के चरित्र पर शक करता था और समाज में बदनामी होने की बात कहकर उससे झगड़ा करता था।
मां की गैरमौजूदगी में दिया वारदात को अंजाम
घटना 26 जुलाई 2020 की रात करीब 9 बजे की है। वारदात के वक्त अंकिता की मां अपनी दूसरी बेटी के घर रहने गई हुई थी, जिससे घर में केवल अंकिता और उसके दोनों बच्चे थे। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपी सागर जाधव वहां पहुंचा और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
गुस्से में आकर सागर ने पहले अंकिता पर किसी भारी वस्तु से हमला किया, जिससे वह अचेत हो गई। इसके बाद उसने केबल वायर (तार) से उसका गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद खुद किया आत्मसमर्पण
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सागर ने खुद अपनी मां को फोन कर घटना की जानकारी दी और कहा, “मैंने अपनी बहन का मर्डर कर दिया है।” इसके तुरंत बाद आरोपी खुद चलकर बुलढाणा शहर पुलिस स्टेशन पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
मजबूत पैरवी और वैज्ञानिक सबूतों से मिली सजा
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) अमित राजाराम जाधव और उनकी टीम ने गहन जांच की। अदालत में सरकार की ओर से जिला सरकारी वकील एडवोकेट वी. एल. भटकर ने पैरवी की।
मुकदमे के दौरान सरकारी वकील ने अदालत के सामने 8 चश्मदीद व महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक सबूत और घटनास्थल से बरामद केबल वायर को अदालत के सामने पेश किया। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों को पुख्ता मानते हुए आरोपी सागर जाधव को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दोषी पाया और उम्रकैद की सख्त सजा सुनाई।

